कोई इंसान कहा से कहा पहुंच गया हम कभी ये नहीं देखते की किसी इंसान के
आगे बढ़ने के पीछे क्या कारण होते है, कोई इंसान कैसे आगे बढ़ता है , उसने उन
कामो के लिए क्या परिश्रम किया होता है, आइये आज हम आपको ऐसी ही एक कहानी
से रूबरू कराते है जिन्होंने ने अपनी जिंदगी में ऐसे ऐसे दिन देखे जिसको
सुनकर भी आपकी रूह काँप जाएगी , दरअसल हम जैसा सोचते है अक्सर वैसा होता
नहीं है चमक धमक की दुनिया के सच्चाई कुछ और ही होती है, हां ये जरूर है की
सफलता एक दिन कदम जरूर चूमती है क्युकी उसके पीछे होता है परिश्रम.
हम बात कर रहे है शगुफ्ता खान की , जी हां शगुफ्ता ही बॉलीवुड की वो लेखिका है जो अपनी उम्र के 17 वि साल में ही जिस्म फिरोशी के धंधे में पहुंच गयी थी जी हां अपने घर का खर्चा चलाने के लिए उन्हें अपना जिस्म बेचना पड़ता था. ये परदे के पीछे की वो लेखिका है जिनकी फिल्म जैसे ही परदे पर आयी धमाल मचा दिया.शगुफ्ता की कहानियो में अलग सा रोमांस तो रहता ही है साथ ही उनकी फिल्म की खनैया अक्सर दिल को छू लेती है.
शगुफ्ता ने बताया की घर की स्थिति अच्छी नहीं थी इसलिए मुझे अलग अलग लोगो को रात बिताने के पैसे मिलते थे जब मै 27 साल की हुई और एक आदमी के पास रात बिताने के लिए गई लेकिन ये बात मेरी माँ को पता चल गयी मै इस प्रकार के काम में शामिल हु.उन्होंने कहा की मै अपनी माँ को नहीं जानती, मेरे जन्म को लेकर अलग अलग बाते है , कोई कहता है की मेरा जन्म एक झोपड़ पट्टी में हुआ था और मेरे माता पिता नहीं रहे , कोई कहता है की मेरी माँ के किसी अमीर आदमी के साथ सम्बन्ध थे जब मै हुई तो मुझे फेक दिया गया, तो कोई कुछ और कहता है.
मै हमेशा से अनवरी बेगम के साथ रही वो ही मेरा ख्याल रखती थी , उनके साथ एक आदमी रहते थे जिनका नाम था ब्रिज खान जो की मुझसे बेहद चिढ़ते थे ऐसे में मेरा नाम भी शगुफ्ता खान पड़ गया
शगुफ्ता महेश भट्ट के पास काम के लिए गयी जहा उन्हें एक डायलॉग लिखने को दिया गया जिसकी फिल्म थी कलयुग अपने डायलग से उन्हों दर्शको का मन जीत लिया जसके बाद उन्होंने रेस -2 , जिस्म- २, मर्डर -२ , राज -३ , आशिकी -२ जैसी बेहतरीन फिल्मो के लिए लिखा.
शगुफ्ता ने बताया की जब वो यह जिस्म फिरोशी के धंधे में थी तो किसी ने बताया की दुबई में बार डांसर को दोगुना पैसा मिलता है मै भी चली गयी जिसके बाद मैंने खूब पैसा भी कमाया जिसके बाद माँ का निधन होने पर वापस लौट आयी और यहाँ आकर महेश भट्ट से मिली.
हम बात कर रहे है शगुफ्ता खान की , जी हां शगुफ्ता ही बॉलीवुड की वो लेखिका है जो अपनी उम्र के 17 वि साल में ही जिस्म फिरोशी के धंधे में पहुंच गयी थी जी हां अपने घर का खर्चा चलाने के लिए उन्हें अपना जिस्म बेचना पड़ता था. ये परदे के पीछे की वो लेखिका है जिनकी फिल्म जैसे ही परदे पर आयी धमाल मचा दिया.शगुफ्ता की कहानियो में अलग सा रोमांस तो रहता ही है साथ ही उनकी फिल्म की खनैया अक्सर दिल को छू लेती है.
शगुफ्ता ने बताया की घर की स्थिति अच्छी नहीं थी इसलिए मुझे अलग अलग लोगो को रात बिताने के पैसे मिलते थे जब मै 27 साल की हुई और एक आदमी के पास रात बिताने के लिए गई लेकिन ये बात मेरी माँ को पता चल गयी मै इस प्रकार के काम में शामिल हु.उन्होंने कहा की मै अपनी माँ को नहीं जानती, मेरे जन्म को लेकर अलग अलग बाते है , कोई कहता है की मेरा जन्म एक झोपड़ पट्टी में हुआ था और मेरे माता पिता नहीं रहे , कोई कहता है की मेरी माँ के किसी अमीर आदमी के साथ सम्बन्ध थे जब मै हुई तो मुझे फेक दिया गया, तो कोई कुछ और कहता है.
मै हमेशा से अनवरी बेगम के साथ रही वो ही मेरा ख्याल रखती थी , उनके साथ एक आदमी रहते थे जिनका नाम था ब्रिज खान जो की मुझसे बेहद चिढ़ते थे ऐसे में मेरा नाम भी शगुफ्ता खान पड़ गया
शगुफ्ता महेश भट्ट के पास काम के लिए गयी जहा उन्हें एक डायलॉग लिखने को दिया गया जिसकी फिल्म थी कलयुग अपने डायलग से उन्हों दर्शको का मन जीत लिया जसके बाद उन्होंने रेस -2 , जिस्म- २, मर्डर -२ , राज -३ , आशिकी -२ जैसी बेहतरीन फिल्मो के लिए लिखा.
शगुफ्ता ने बताया की जब वो यह जिस्म फिरोशी के धंधे में थी तो किसी ने बताया की दुबई में बार डांसर को दोगुना पैसा मिलता है मै भी चली गयी जिसके बाद मैंने खूब पैसा भी कमाया जिसके बाद माँ का निधन होने पर वापस लौट आयी और यहाँ आकर महेश भट्ट से मिली.
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